From the Diary of Anne Frank Class 10 Hindi Summary, Explanation

खुलकर सीखें के इस ब्लॉगपोस्ट From the Diary of Anne Frank Class 10 Hindi Summary, Explanation में हम Class 10 NCERT English First Flight Prose Chapter 4 यानी From the Diary of Anne Frank Class 10 का लाइन-बाई-लाइन करके Hindi Explanation करना सीखेंगे।

लेकिन सबसे पहले From the Diary of Anne Frank Class 10 Hindi Explanation के अंतर्गत हम From the Diary of Anne Frank के About the Author और फिर About the Lesson के बारे में पढ़ेंगे और उसके बाद इस इस चैप्टर के एक-एक लाइन का हिंदी व्याख्या करना सीखेंगे। अंत में हम हिंदी और English में From the Diary of Anne Frank Class 10 के Summary को भी देखेंगे।

From the Diary of Anne Frank Class 10

From the Diary of Anne Frank जिसका हिंदी अर्थ होगा – ऐनी फ्रैंक की डायरी से। इस चैप्टर को एक German Diarist ऐनी फ्रैंक के द्वारा लिखित आत्मकथा ‘The Diary of Anne Frank’ से लिया गया है। चलिए Anne Frank के बारे में थोड़ा विस्तार से जानते हैं।

From the Diary of Anne Frank About the Author

Anne Frank (born June 12, 1929, Frankfurt am Main, Germany—died February/March 1945, near Bergen-Belsen concentration camp, Hanover) was a Jewish girl. Her full name was Annelies Marie Frank. She was a German Diarist, babysitter, and Children’s writer.

From the Diary of Anne Frank About the Author in Hindi

ऐनी फ्रैंक (जन्म 12 जून, 1929, फ्रैंकफर्ट, जर्मनी-मृत्यु फरवरी/मार्च 1945, बर्गन-बेल्सन एकाग्रता शिविर, हनोवर के पास) एक यहूदी लड़की थीं। उनका पूरा नाम एनेलिस मैरी फ्रैंक था। वह एक जर्मन Diarist, Babysitter तथा Children’s writer थी।

From the Diary of Anne Frank About the Lesson

In this lesson, Anne talks about being alone and not having anyone to talk to, despite being surrounded by family and about 30 people whom she calls her “friends”. Thus, she decides to write down her feelings in a diary.

This lesson is an excerpt from ‘Diary of a Young Girl’ or ‘Diary of Anne Frank’. It is an autobiography that was first published in 1947. In it, Anne expresses her thoughts in a diary that was gifted to her on her thirteenth birthday. She names the diary “Kitty” whom she considers to be her only true friend. She tells about her childhood, her family and many other things which she did not reveal to anyone else.

From the Diary of Anne Frank About the Lesson in Hindi

इस पाठ में, ऐनी परिवार और लगभग 30 लोगों से घिरे होने के बावजूद अकेले रहने और बात करने के लिए किसी के पास नहीं होने की बात करती है, जिन्हें वह उसे “दोस्त” कहती है। इस प्रकार, वह अपनी भावनाओं को डायरी में लिखने का निर्णय लेती है।

यह पाठ ‘एक युवा लड़की की डायरी’ या ‘ऐनी फ्रैंक की डायरी’ का एक अंश है। यह एक आत्मकथा है जो पहली बार 1947 में प्रकाशित हुई थी। इसमें ऐनी अपने विचारों को एक डायरी में व्यक्त करती है जो उन्हें उनके तेरहवें जन्मदिन पर उपहार में दी गई थी। वह डायरी का नाम “किट्टी” रखती है जिसे वह अपना एकमात्र सच्चा दोस्त मानती है। वह अपने बचपन, अपने परिवार और कई अन्य चीजों के बारे में बताती है जो उसने किसी और को नहीं बताईं।

From the Diary of Anne Frank Hindi Explanation

अब हम Class 10 NCERT English First Flight Prose Chapter 4 यानी From the Diary of Anne Frank Class 10 Paragraph Explanation करना शुरू करते हैं।

From the Diary of Anne Frank Hindi Explanation – Para-1

Writing in………………………………………of difference.

मुझ जैसे के लिए डायरी लिखना वास्तव में एक विचित्र अनुभव है। न केवल इसलिए कि मैंने पहले कभी कुछ नहीं लिखा है, अपितु इसलिए भी क्योंकि मुझे प्रतीत होता है कि मैं न तो स्वयं तथा न ही कोई और व्यक्ति तेरह वर्ष की स्कूल की लड़की के विचारों में रुचि रखेगा। ठीक है, इसका कोई महत्व नहीं है। मैं लिखना चाहती हूँ तथा मुझे इससे भी अधिक आवश्यकता अपने हृदय से सभी चीजें बाहर निकालने की है।

कागज में मनुष्यों से अधिक सहनशीलता है। मैंने इस कथन के बारे में उन दिनों सोचा जब मैं थोड़ी सी उदासी अनुभव कर रही थी तथा अपने हाथों में अपनी ठोड़ी को पकड़े हुए घर पर बैठी हुई थी, उदास शक्तिहीन तथा यह सोचती हुई कि क्या मुझे घर रहना चाहिए या बाहर जाना चाहिए। अंत में जहाँ थी वहीं पर सोचते हुए बैठी रही। हाँ, कागज में तो अधिक सहनशीलता है ही क्योंकि मेरी योजना है कि प्रत्येक व्यक्ति मेरी इस सख्त जिल्द वाली कापी जिसे लोग शान से डायरी कहते हैं, पढ़ें जब तक कि मुझे एक वास्तविक मित्र नहीं मिलता, इससे शायद कोई अन्तर नहीं पड़ेगा।

From the Diary of Anne Frank Hindi Explanation – Para-2

Now I’m………………………………………friend “Kitty”.

अब मैं फिर उसी महत्वपूर्ण बात पर आती हूँ जिसने मुझे सर्वप्रथम एक डायरी रखने की प्रेरणा दी थी: मेरा कोई मित्र नहीं है।

मैं और स्पष्ट से कह दूं, क्योंकि इस बात पर कोई विश्वास नहीं करेगा कि तेरह वर्षीय लड़की संसार में बिल्कुल अकेली है। तथा मैं हूँ भी नहीं। मेरे प्रिय माता-पिता हैं, सोलह वर्षीय बहन है, तथा लगभग तीस व्यक्ति ऐसे हैं जिन्हें मैं मित्र कह सकती हूँ। मेरा परिवार है, प्रिय चाचियाँ हैं तथा एक अच्छा घर। है। नहीं, ऊपर से तो लगता है कि मेरे पास सभी कुछ है सिवाय एक सच्चे मित्र के। मैं अपने मित्रों के साथ होती हूँ तो मैं केवल मौज-मस्ती के बारे में सोचती हूँ। मैं साधारण प्रतिदिन की बातों के अतिरिक्त किसी और बात के बारे में नहीं सोच सकती। हम और नजदीक आते प्रतीत नहीं होते, तब यह एक समस्या है। हो सकता है कि यह मेरा दोष है कि हम एक-दूसरे को अपने भेद नहीं बता सकते। फिर भी ऐसी ही स्थिति है तथा दुर्भाग्यवश यह बदल नहीं सकती। यही कारण है कि मैंने दायरी आरम्भ की है।

अपनी कल्पना में इस चिर-प्रतिक्षित मित्र के चित्त को बढ़ाने के लिए मैं इस प्रकार के तथ्यों को लिखना नहीं चाहती जैसा कि अधिकांश लोग करते हैं पर मैं चाहती हूँ कि डायरी मेरी मित्र बने और में इस मित्र को किट्टी पुकारूंगी।

From the Diary of Anne Frank Hindi Explanation – Para-3

Since no………………………………………for Margot.

किसी को भी, यदि में तुरन्त कहना चाहूँ, किट्टी को सुनाई गई कहानियों का एक भी शब्द समझ नहीं आएगा, मैं न चाहते हुए भी, चाहूँगी कि अपने जीवन का एक संक्षिप्त चित्रण प्रदान करूँ।

मेरे पिता ने, जिन्हें मैंने सबसे अधिक पूजनीय पाया है, मेरी माता से तब तक विवाह नहीं किया जब तक कि उनकी आयु छत्तीस वर्ष की तथा माता की आयु पच्चीस वर्ष की नहीं हो गई। मेरी बहन मारगौट का जन्म जर्मनी के शहर फ्रैंकफर्ट में 1926 में हुआ। मेरा जन्म 12 जून 1929 को हुआ। मैं चार वर्ष की आयु तक फ्रैंकफर्ट में रहीं। मेरे पिता 1933 में हॉलैण्ड जाकर बस गए। मेरी माता ऐडिथ हौलेन्डर फ्रैंक उनके साथ रहने के लिए सितम्बर में गई जबकि मारगौट तथा मैं अपनी दादी माँ के साथ रहने आचन चली गई। मारगौट दिसम्बर में हॉलैण्ड चली गई तथा मैं उसके पीछे-पीछे फरवरी में उस समय चली गई जब कि मुझे मारगौट के लिए जन्मदिन के उपहार के रूप में मेज पर रख दिया गया।

From the Diary of Anne Frank Hindi Explanation – Para-4

I started………………………………………my diary.

मैंने तुरंत मॉन्टेसरी नर्सरी स्कूल में पढ़ाई आरम्भ कर दी। वहाँ मैं छः वर्ष की आयु तक रही, जिस समय मैंने प्रथम कक्षा की पढ़ाई आरम्भ की। छठी कक्षा में मेरी अध्यापिका, मुख्याध्यापिका श्रीमती क्यूपरस थी। वर्ष के अंत में जब हमने हृदय को तोड़ने वाली अलविदा कही, उस समय हम दोनों की आँखों में आँसू थे।

1941 की ग्रीष्म ऋतु में दादी माँ बीमार हुई तथा उनका ऑपरेशन करवाना पड़ा। इसलिए मेरा जन्म-दिवस बिना उत्सव के गुजरा।

दादी माँ की मृत्यु जनवरी 1942 में हुई। कोई नहीं जानता कि मैं उनके बारे में कितना सोचती हूँ तथा अब भी उन्हें प्रेम करती हूँ। 1942 में यह जन्म दिवस उत्सव दूसरे की क्षतिपूर्ति के आशय से मनाया गया तथा दूसरी मोमबत्तियों के साथ दादी माँ की मोमबत्ती भी जलाई गई।

हम चारों का स्वास्थ्य अभी भी अच्छा है तथा इसके साथ मैं आज की तारीख 20 जून 1942 पर आती हूँ तथा अपनी डायरी के प्रति पवित्र समर्पण पर।

From the Diary of Anne Frank Hindi Explanation – Para-5

Dearest Kitty,………………………………………on earth.

प्रितम किट्टी,                           शनिवार, 20 जून 1942
हमारी पूरी कक्षा पूर्णतया भय व घबराहट से काँप रही थी। निःसंदेह, कारण है आने वाली सभा जिसमें अध्यापक यह निर्णय लेंगे कि कौन अगली कक्षा में जाएगा तथा किसे पीछे ही रखा जाएगा। आधी कक्षा शर्त लगा रही है। जी. एन. तथा मैं अपने पीछे दो लड़कों सी. एन. तथा जैक्स पर मूर्खता से हंसती हूँ। जिन्होंने छुट्टियों की पूरी बचत को दाव पर लगाने का जोखिम उठाया है। प्रातः से लेकर रात तक यही चलता है, ‘तुम पास हो जाओगे’, ‘नहीं, मैं नहीं’, ‘हाँ, तुम’, ‘नहीं, मैं नहीं। यहाँ तक कि जी.एन. की नजरें तथा मेरा क्रोध से भड़कना उन्हें शांत नहीं कर सकता। यदि तुम मुझसे पूछो, इतने अधिक विद्यार्थी मूर्ख है कि एक चौचाई कक्षा को पीछे रोक लेना चाहिए परन्तु अध्यापक पृथ्वी पर ऐसा प्राणी है जिनके बारे में कोई अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

From the Diary of Anne Frank Hindi Explanation – Para-6

I’m not………………………………………keep quiet.

मुझे स्वयं की तथा अपनी सहेलियों की इतनी चिंता नहीं है। हम सफल होंगे। केवल एक विषय गणित के बारे में निश्चित नहीं हूँ। फिर भी हम केवल प्रतीक्षा ही तो कर सकते हैं तब तक एक-दूसरे को साहस न छोड़ने कहते रहते हैं।

मेरी अपने सभी अध्यापकों के साथ अच्छी बनती है। वे संख्या में नौ हैं जिसमें सात पुरुष व दो महिलाएँ। श्रीमान कीसिंग, पुराने विचारों वाला बुढ़ा व्यक्ति, जो गणित पढ़ाता है, मुझसे वर्षों से नाराज था क्योंकि मैं बहुत बोलती थी। कई चेतावनियों के पश्चात् उसने मुझे घर पर करने के लिए फालतू कार्य दिया: ‘बातूनी’ विषय पर निबंध। एक ‘बातूनी’ पर आप क्या लिख सकते हैं? मैंने फैसला किया कि इसकी चिंता मैं बाद में करूंगी। मैंने इस विषय को अपनी कॉपी में लिख लिया, कॉपी को बस्ते में रखा तथा चुप रहने का प्रयत्न किया।

From the Diary of Anne Frank Hindi Explanation – Para-7

That evening………………………………………traits.

उस सायं को घर का दूसरा कार्य समाप्त करने के पश्चात् निबन्ध के बारे में लिखे शब्दों पर मेरी नजर पड़ी। अपने पेन की नोक को चबाते हुए, मैंने इस विषय के बारे में सोचना आरम्भ किया। कोई भी शब्दों के बीच अधिक स्थान छोड़कर लिख सकता था। परन्तु चालाकी तो इस बात में थी कि बोलने की आवश्यकता को विश्वास दिलाने वाले तर्क से प्रमाणित किया जाए। मैं सोचती रही और सोचती रही तथा अचानक मुझे एक विचार सूझा। मैंने श्रीमान् कीसिंग द्वारा कहे गए तीन पृष्ठ लिख दिए तथा में संतुष्ट थी। मैंने तर्क दिया कि बोलना तो विद्यार्थी का एक विशेष गुण है तथा मैं इसे यथाशक्ति अपने नियंत्रण में रखूँगी; परन्तु मैं अपनी इस आदत को पूर्णतया कभी छोड़ नहीं पाऊँगी। यदि अधिक नहीं तो मेरी माँ भी इतना ही बोलती थी तथा आप विरासत में मिले गुणों के बारे में अधिक कुछ नहीं कर सकते।

From the Diary of Anne Frank Hindi Explanation – Para-8

Mr Keesing………………………………………Chatterbox.”

श्रीमान् कीसिंग मेरे तर्क पर बहुत हँसे, पर जब मैं अगले पाठ में फिर बोलने लगी तब उन्होंने मुझे एक और निबन्ध दे दिया। इस बार यह था ‘एक ऐसा बातूनी जिसे सुधारा न जा सके।’ मैंने यह भी लिखकर दे दिया तथा श्रीमान् कीसिंग ने अगले दो पूरे पाठों तक शिकायत नहीं की। पर तीसरे पाठ के दौरान काफी हो चुका था। कक्षा में बोलने के लिए दण्ड के रूप में क्वैक, क्वैक, क्वैक, मिस्ट्रैस चैटरबॉक्स ने कहा, विषय पर निबन्ध लिखो।

From the Diary of Anne Frank Hindi Explanation – Para-9

The class………………………………………these days.

कक्षा में शोर हुआ। मुझे भी हंसना पड़ा यद्यपि ‘बातूनी’ जैसे विषयों पर लिखने का मेरा कौशल समाप्त हो चुका था। अब समय आ गया था किसी और विषय पर लिखने का, किसी मौलिक विषय पर। मेरी सहेली सेनी ने इस निबन्ध को आरम्भ से अन्त तक पद्म में लिखने में सहायता की पेशकश की और में खुशी से उछल पड़ी। श्रीमान कीसिंग हास्यास्पद विषय से मेरे साथ मजाक करने का प्रयत्न कर रहे थे, परन्तु मैंने यह सुनिश्चित किया कि मजाक उनके साथ हो।

मैंने अपनी कविता समाप्त की तथा यह सुन्दर थी। यह एक माता बत्तख थी, व पिता हंस तथा तीन छोटे बच्चों के बारे में थी, जिन्हें पिता ने काट कर इसलिए मार डाला था क्योंकि वे बहुत बोलते थे। सौभाग्य से श्रीमान् कीसिंग ने मजाक तुरन्त पकड़ लिया। उसने अपनी टिप्पणी को जोड़कर उस कविता को कक्षा में सुनाया तथा दूसरी कक्षाओं में भी सुनाया। तब से अब तक मुझे बोलने की अनुमति है तथा मुझे कोई फालतू घर का कार्य नहीं दिया गया है। इसके विपरीत, कीसिंग आजकल सदैव मजाक करते रहते हैं।

From the Diary of Anne Frank Summary

Anne Frank, a thirteen-year-old Jewish girl, begins a diary and finds it a strange experience, since she has never written anything before and believes no one will ever care about the thoughts of a schoolgirl. She writes because she has no true friend.

She has loving parents, a sister and about thirty people she calls friends, but with none of them can she talk about anything beyond ordinary everyday matters. So she decides to make the diary her friend and names it Kitty, remembering the saying that paper has more patience than people.

To help Kitty understand her, she gives a short sketch of her family: her adorable father, her mother Edith, her elder sister Margot, their move from Frankfurt to Holland, her school days under Mrs Kuperus, and her grandmother, whom she still loves and misses.

In her entry of 20 June 1942, she describes her class waiting nervously for the teachers’ meeting that would decide who is promoted. Her maths teacher, Mr Keesing, annoyed by her constant talking, punishes her with an essay on ‘A Chatterbox’. Anne cleverly argues that talking is a student’s trait inherited from her mother and cannot be cured. He laughs, but gives her a second essay, ‘An Incorrigible Chatterbox’, and later a third, ‘Quack, Quack, Quack, Said Mistress Chatterbox’.

With her friend Sanne’s help, Anne writes this one in verse, about a father swan who bites his three ducklings to death for quacking too much. Mr Keesing takes the joke in the right spirit, reads the poem to several classes, and never troubles Anne about talking again.

From the Diary of Anne Frank Summary in Hindi

ऐन फ्रैंक, जो तेरह साल की एक यहूदी लड़की थी, ने डायरी लिखना शुरू किया। यह उसके लिए एक अजीब अनुभव था क्योंकि उसने पहले कभी कुछ नहीं लिखा था और उसे लगता था कि किसी को भी एक स्कूली लड़की के विचारों में कोई दिलचस्पी नहीं होगी। वह इसलिए लिखती थी क्योंकि उसका कोई सच्चा दोस्त नहीं था।

उसके माता-पिता और बहन उससे बहुत प्यार करते थे और उसके लगभग तीस दोस्त भी थे, लेकिन वह उनमें से किसी से भी रोज़मर्रा की आम बातों के अलावा कुछ और बात नहीं कर पाती थी। इसलिए उसने डायरी को ही अपना दोस्त बनाने का फ़ैसला किया और उसका नाम ‘किटी’ रखा। उसने यह सोचकर ऐसा किया कि लोगों की तुलना में कागज़ में ज़्यादा सब्र होता है।

किटी को अपने बारे में बेहतर ढंग से समझाने के लिए, उसने अपने परिवार के बारे में थोड़ी जानकारी दी: उसके प्यारे पिता, उसकी माँ एडिथ, उसकी बड़ी बहन मार्गोट, फ्रैंकफर्ट से हॉलैंड जाने की कहानी, मिसेज कूपरस के साथ बिताए स्कूल के दिन और अपनी दादी, जिनसे वह आज भी बहुत प्यार करती थी और जिन्हें बहुत याद करती थी।

20 जून 1942 की अपनी डायरी एंट्री में, उसने बताया कि कैसे उसकी क्लास के बच्चे घबराहट के साथ उस टीचर्स मीटिंग का इंतज़ार कर रहे थे जिसमें यह तय होना था कि कौन अगली क्लास में जाएगा। उसके मैथ्स टीचर, मिस्टर कीसिंग, उसकी लगातार बातें करने की आदत से परेशान थे और उन्होंने उसे सज़ा के तौर पर ‘अ चैटरबॉक्स’ (बहुत ज़्यादा बातें करने वाली लड़की) विषय पर एक निबंध लिखने को कहा। ऐन ने बड़ी चतुराई से तर्क दिया कि बातें करना एक स्टूडेंट की ऐसी आदत है जो उसे अपनी माँ से विरासत में मिली है और इसे बदला नहीं जा सकता। टीचर हँसे, लेकिन उन्होंने उसे दूसरा निबंध ‘एन इनकॉरिजिबल चैटरबॉक्स’ (ऐसी लड़की जिसकी बातें करने की आदत सुधारी नहीं जा सकती) और बाद में तीसरा निबंध ‘क्वाक, क्वाक, क्वाक, सेड मिस्ट्रेस चैटरबॉक्स’ लिखने को दिया।

अपनी दोस्त सान की मदद से, ऐन ने यह निबंध कविता के रूप में लिखा। इसमें एक हंस पिता की कहानी थी जो अपने तीन बच्चों (बत्तख के बच्चों) को बहुत ज़्यादा ‘क्वाक-क्वाक’ (शोर) करने की वजह से काट-काटकर मार डालता है। मिस्टर कीसिंग ने इस मज़ाक को सही भावना से लिया, कई क्लास में यह कविता पढ़कर सुनाई और फिर कभी भी ऐन को बातें करने के लिए परेशान नहीं किया।

QnA: From the Diary of Anne Frank Question Answer UP Board

All Chapters: UP Board Solutions Class 10 English

Hi, Myself Jalandhar Paswan. Here, I provide detailed study materials, board exam tips, and step-by-step NCERT textbook solutions for Hindi medium students like you.

8 thoughts on “From the Diary of Anne Frank Class 10 Hindi Summary, Explanation”

    • I like read your explanation and very easy to understand
      Thank u
      Pleas send us summary questions answer

      Reply
  1. I am very thankful to you for this easy explanation, it is very easy to understand for students and others

    Reply

Leave a Comment

Share via: